जम्मू और कश्मीर

कश्मीर में शिया सुन्नी एक मंच पर मस्जिदों से उठेंगे सामाजिक मुद्दे

nidhi
17 Sept 2026 8:18 AM IST
कश्मीर में शिया सुन्नी एक मंच पर मस्जिदों से उठेंगे सामाजिक मुद्दे
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मस्जिदें बनेंगी सुधार और काउंसलिंग का केंद्र नई पहल शुरू

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में शिया और सुन्नी समुदायों को एक मंच पर लाने की पहल की जा रही है। इसके तहत मस्जिदों को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर सामाजिक सुधार, काउंसलिंग और जागरूकता के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल के तहत हर जुमे (शुक्रवार) को नमाज के बाद सामाजिक मुद्दों पर चर्चा और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य समुदाय के भीतर शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।

सामाजिक मुद्दों पर होगी चर्चा
योजना के अनुसार, मस्जिदों में नशे की समस्या, शिक्षा, परिवार से जुड़े विषय, युवाओं के मार्गदर्शन और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। धार्मिक और सामाजिक संगठनों का मानना है कि धार्मिक स्थलों का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता फैलाने के लिए किया जा सकता है।
शिया सुन्नी समुदाय की संयुक्त पहल
कश्मीर में शिया और सुन्नी समुदायों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को लेकर साथ आने की बात कही है। दोनों समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने और सामाजिक विषयों पर मिलकर काम करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल के जरिए आपसी सहयोग और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
काउंसलिंग पर रहेगा जोर
प्रस्तावित योजना में युवाओं और परिवारों से जुड़े मामलों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों और जानकार लोगों की मदद से लोगों को सही मार्गदर्शन देने की कोशिश की जाएगी। इसमें मानसिक तनाव, करियर, शिक्षा और सामाजिक समस्याओं से जुड़े विषय शामिल किए जा सकते हैं।
मस्जिदों की भूमिका पर नई चर्चा
दुनिया के कई हिस्सों में धार्मिक संस्थानों को सामाजिक सेवाओं और सामुदायिक सहायता के केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। कश्मीर में शुरू की जा रही यह पहल भी इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। इस योजना का विस्तृत स्वरूप और क्रियान्वयन स्थानीय स्तर पर तय किया जाएगा।

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